मथुरा , मार्च 12 -- मथुरा के ब्रज क्षेत्र में होली की खुमारी अब भी श्रद्धालुओं के सिर चढ़कर बोल रही है। श्री रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के तहत भगवान रंगनाथ कांच के विमान पर सवार होकर जब भक्तों के साथ होली खेलने निकले तो वातावरण अबीर-गुलाल से सराबोर हो गया। भक्तों ने भी अपने आराध्य के साथ जमकर होली खेली। ब्रह्मोत्सव के छठे दिन ठाकुर गोदा रंगमन्नार भगवान कांच के विमान पर विराजमान होकर मंदिर से बाहर निकले। धवल श्वेत वस्त्र धारण किए भगवान का वेदमंत्रों के बीच पूजन किया गया और प्राकृतिक अबीर-गुलाल अर्पित किया गया। इसके बाद मंदिर के जगमोहन में चांदी की पिचकारी से टेसू के फूलों से बने रंगों की बौछार की गई, जिससे पूरा परिसर भगवान रंगनाथ के जयघोष से गूंज उठा।
भगवान रंगनाथ की सवारी जब मंदिर के सिंह द्वार पर पहुंची तो भक्तों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। पुजारियों ने विमान से पिचकारी के जरिए रंग बरसाया, वहीं अबीर-गुलाल की बदरी के बीच गोविंद घेरा के क्षत्रिय समाज की महिलाओं ने पारंपरिक प्रेम-लाठियों से भक्तों पर प्रतीकात्मक प्रहार कर ब्रज की अनूठी होली का दृश्य जीवंत कर दिया। ब्रज के पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की लाठियों और रंगों के बीच श्रद्धालु पूरी तरह उत्सव में डूबे नजर आए।
तेज धूप के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। भगवान की सवारी जैसे-जैसे बड़े बगीचे की ओर बढ़ती गई, रंगों और भजनों का उल्लास भी बढ़ता गया। करीब तीन घंटे बाद सवारी मंदिर परिसर लौटी, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से हुरंगा खेलने आई महिलाओं को ठाकुरजी का प्रसादी फगुआ भेंट किया गया।
बसंत पंचमी से शुरू हुआ ब्रज का होली उत्सव भगवान रंगनाथ और माता गोदा के साथ रंगोत्सव के इस आयोजन के साथ इस वर्ष के लिए विश्राम को प्राप्त हुआ। भगवान की सवारी के नगर भ्रमण के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह, उल्लास और उमंग का वातावरण बना रहा।
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