मोहाली, अगस्त 18 -- पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को 15,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज लेने और इसके लिए गुजरात की एक निजी कंपनी को 191.16 करोड़ रुपये की कथित 'ब्रोकरेज' देने के फैसले की कड़ी आलोचना की है।
श्री सिद्धू ने इसे सरकार का 'तुगलकी' फैसला बताते हुए आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार पंजाब के संसाधनों को कथित रूप से लूटने वाले दिल्ली के लोगों के हाथों में खेल रही है। उन्होंने कहा कि कभी पंजाब की सबसे समृद्ध और लाभदायक संस्थाओं में शामिल गमाडा आज आप सरकार की कथित लापरवाही और गलत नीतियों के कारण गंभीर वित्तीय संकट में है। उन्होंने कहा कि करीब 8,000 करोड़ रुपये के कर्ज से दबे गमाडा पर 15,000 करोड़ रुपये का और कर्ज लादना संस्था के अस्तित्व को खतरे में डालने की साजिश है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब सरकार कर्ज के बॉन्ड की गारंटी देने से भी हिचक रही है तो क्या गमाडा की हजारों करोड़ रुपये मूल्य की बेशकीमती जमीन को निजी हाथों में गिरवी रखने की तैयारी की जा रही है।
श्री सिद्धू ने आप सरकार पर भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून की आड़ में कृषि भूमि के विकास और वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर गमाडा सहित अन्य विकास प्राधिकरणों के वित्तीय संसाधनों से कथित तौर पर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लेकर वित्त विभाग के खाते में जमा करायी गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि को राज्य के विकास पर खर्च करने के बजाय सरकार की राजनीतिक योजनाओं, विज्ञापन और दिल्ली में बैठे राजनीतिक नेताओं की यात्राओं पर खर्च किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार कथित तौर पर आर्थिक रूप से दिवालिया होने की स्थिति में पहुंच चुकी है और उसकी वोट बैंक योजनाओं को चलाने के लिए पर्याप्त धन नहीं है। इसी कारण अब वित्त विभाग के खाली खजाने को भरने के लिए गमाडा को 15,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कर्ज से अगले 20 वर्षों तक पंजाब के लोगों पर सालाना करीब 1,200 करोड़ रुपये का ब्याज बोझ पड़ेगा और इससे आने वाली पीढ़ियों को और गहरे कर्ज के जाल में धकेला जाएगा।
श्री सिद्धू ने गुजरात की कंपनी टिपसन कंसल्टेंसी को दिए जाने वाले 191 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब सरकारी बैंक और अधिकारी आसानी से कर्ज की व्यवस्था कर सकते हैं तो गुजरात की निजी कंपनी को करोड़ों रुपये देने के पीछे किसका 'कमीशन' तय किया गया है, इसका जवाब भगवंत मान सरकार को देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब की मेहनत की कमाई को गुजरात के कारोबारियों की जेब में डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी पंजाब की संपत्तियों को कथित वित्तीय बर्बादी और कानून की आड़ में हो रहे शोषण पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने सरकार से इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की और कहा कि ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस पार्टी हर संभव माध्यम से जनता को इस कथित बड़े घोटाले के बारे में जागरूक करेगी।
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