चंडीगढ़ , जून 18 -- शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को घोषणा की कि पार्टी 19 जुलाई से श्री अकाल तख्त साहिब से 'धर्मयुद्ध मोर्चा' शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पद से हटाने के उद्देश्य से शुरू किया जाएगा, जिन्हें अकाली दल ने 'गुरु-द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिया है।

श्री बादल ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह आंदोलन श्री अकाल तख्त साहिब की छत्रछाया में चलाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री मान ने सिख गुरुओं और सिख परंपराओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है, जिसे सिख समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता।

उन्होंने सभी धार्मिक संगठनों, सिख जत्थेबंदियों, संप्रदायों, संत समाज, बुद्धिजीवियों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल का आंदोलन नहीं बल्कि 'गुरु साहिबान और खालसा पंथ के सम्मान' के लिए सामूहिक संघर्ष है।

अकाली दल अध्यक्ष ने आंदोलन के संचालन के लिए वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समन्वय समिति गठित करने की भी घोषणा की। समिति में महेशिंदर सिंह ग्रेवाल, गुलजार सिंह रानीके, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और अमरजीत सिंह चावला को शामिल किया गया है।

श्री बादल ने कहा कि जब तक श्री भगवंत मान मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, तब तक अकाली दल के विधायक पंजाब विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि एक वायरल वीडियो में श्री मान कथित रूप से सिख गुरुओं और सिख नायकों की तस्वीरों पर शराब डालते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले इस वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार किया गया बताया गया था, लेकिन बाद में फोरेंसिक जांच में इसे वास्तविक बताया गया।

श्री बादल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पहले स्वयं वीडियो की जांच की मांग की थी, लेकिन बाद में अपना रुख बदल लिया। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत की जा रही फोरेंसिक रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह निर्दोष हैं तो केंद्रीय जांच एजेंसी से मामले की जांच करवायें और लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हों।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान श्री बादल ने आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में बेअदबी की घटनाओं और आम आदमी पार्टी के उदय के बीच संबंधों की जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को धार्मिक मामलों पर संयम बरतने की सलाह दी।

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब की धार्मिक और सामाजिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी और धर्मयुद्ध मोर्चे को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए सभी वर्गों से संपर्क किया जाएगा।

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