चंडीगढ़ , अक्टूबर 16 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में नशे के खिलाफ अभियान 'युद्ध नशों के विरुद्ध' को तेज करने और चिह्नित नशा प्रभावित क्षेत्रों को नशामुक्त बनाने के लिए शुक्रवार को फिल्लौर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर बैठक की जानकारी साझा की। बैठक में राज्य सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें नशा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुधार लाने के लिए 60 दिन की कार्ययोजना पर चर्चा की गयी। इसके तहत उपायुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, उपमंडल मजिस्ट्रेटों और संबंधित विभागों के जिला प्रमुखों के बीच समन्वय स्थापित किया जायेगा। योजना में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की रोकथाम, नशामुक्ति, पुनर्वास और सामुदायिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्यक्षमता और मौके पर त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने के लिए पुलिस उपाधीक्षकों हेतु 117 नये वाहन मंजूर किये। पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
बैठक में नशा तस्करी के नेटवर्क को दोबारा सक्रिय होने से रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच निरंतर तालमेल, स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नशामुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया।
पंजाब पुलिस ने कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनके वित्तीय स्रोतों पर प्रहार करने के प्रयास जारी रहेंगे। अभियान की सफलता केवल गिरफ्तारियों और बरामदगी से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर स्थायी बदलाव, सुरक्षित समुदायों और नशामुक्त पंजाब की दिशा में हुई प्रगति से आंकी जायेगी।
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