सूरजपुर , मार्च 29 -- प्रदेश स्तरीय भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में साहू समाज की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का व्यापक प्रदर्शन हुआ। महोत्सव में भक्त माता कर्मा के जीवन, उनके त्याग, भक्ति और समाज को संगठित करने वाले संदेशों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में साहू समाज को परिश्रमी, संगठित और विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि इस समाज ने प्रदेश की प्रगति में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। भक्त माता कर्मा, माता राजिम दाई और दानवीर भामाशाह जैसी विभूतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों से समाज को प्रेरणा मिलती है और यही परंपरा आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि किसानों, महिलाओं और श्रमिक वर्ग के लिए व्यापक स्तर पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित की गई है। 25 लाख 24 हजार किसानों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अंतर राशि का भुगतान, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता और 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की राशि सीधे खातों में हस्तांतरित की गई है।

धार्मिक और सांस्कृतिक योजनाओं के तहत रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी उल्लेख किया गया, जिनसे हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभाव को कम करने और विकास कार्यों के विस्तार का हवाला देते हुए बताया गया कि सैकड़ों गांवों को मुख्यधारा से जोड़कर वहां सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, उर्वर भूमि और मेहनतकश लोगों का उल्लेख करते हुए राज्य को देश में अग्रणी बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई। वैश्विक परिदृश्य में पश्चिम एशिया के संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच भारत की मजबूत स्थिति का भी जिक्र किया गया तथा नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान साहू समाज के लिए छात्रावास या सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित अन्य वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, संगठन और अनुशासन को सशक्त समाज निर्माण का आधार बताते हुए माता कर्मा के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित