बिलासपुर , जून 13 -- छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा में एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका दिए जाने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि विभाग ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पांच वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट की जा चुकी कंपनी मेसर्स श्री कृष्णा इंफ्रा डेवलपर को करोड़ों रुपये के कार्य आवंटित किए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कंपनी ने निविदा प्रक्रिया के दौरान विभाग को शपथपत्र देकर यह घोषणा की थी कि उसकी फर्म किसी भी सरकारी विभाग में ब्लैकलिस्ट अथवा प्रतिबंधित नहीं है। जबकि अभिलेखों के अनुसार बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने वर्ष 2023 में कंपनी की निविदा सुरक्षा राशि (ईएमडी) जब्त करते हुए उसे पांच वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट घोषित किया था।
बताया गया है कि उक्त स्थिति के बावजूद विभाग ने बिलासपुर खेल परिसर तथा विद्युत नवीनीकरण कार्य के लिए मेसर्स श्री कृष्णा इंफ्रा डेवलपर को लगभग 4.87 करोड़ रुपये का कार्य आवंटित किया। वहीं आरोप है कि विभाग की विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा द्वारा कंपनी को कुल मिलाकर करीब 13 करोड़ रुपये के ठेके प्रदान किए गए।
मामले के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इस संबंध में विभागीय अधिकारी फिलहाल कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
वहीं मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "जांच के बाद होगी कार्रवाई।"मामले को लेकर अब विभागीय प्रक्रिया, निविदा परीक्षण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित