जशपुर , अप्रैल 06 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के स्वास्थ्य तंत्र में लापरवाही के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला चिकित्सालय के मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (एमएलटी) संतोष कुमार वाणिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा जारी आदेश में ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने तथा वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का दुरुपयोग करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए यह कार्रवाई की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत मिलने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में आवश्यक सतर्कता नहीं बरती गई, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का अनुचित उपयोग कर प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन भी सामने आया।

मामले में जिला चिकित्सालय जशपुर की ब्लड सेंटर प्रभारी एवं पैथालॉजी विशेषज्ञ डॉ. ममता सिंह द्वारा गत 13 मार्च को लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके जवाब में 23 मार्च को स्पष्टीकरण दिया गया। हालांकि, प्रस्तुत जवाब तथ्यों के अनुरूप संतोषजनक नहीं पाया गया।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित कर्मचारी ने अपनी त्रुटियों की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय अन्य कर्मचारियों पर दोष मढ़ने का प्रयास किया, जो कि सेवा आचरण के विरुद्ध है। इस प्रकार का व्यवहार न केवल कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है, बल्कि संस्थान की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान एमएलटी वाणिक का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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