कोलकाता , सितंबर 09 -- पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में मछली पकड़ते समय बाघ के हमले में घायल मछुआरे को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद उसकी दिल की धड़कन बंद हो जाने से अंगदान करने का फैसला अमल में नही आ सका।

कुलताली के मैपिथ इलाके में नागेनाबाद निवासी 36 वर्षीय अजीत मोल्ला पर पिछले बुधवार को विद्या नदी के पास परिवार के साथ हिलसा मछली पकड़ते समय बाघ ने हमला किया था। नदी के किनारे मछली पकड़ने का जाल फंस गया था और मोल्ला अपने चचेरे भाइयों और भतीजे के साथ उसे छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे, तभी बाघ ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। उनके साथी बाघ को उन्हें खींचकर ले जाने से रोकने में कामयाब रहे, लेकिन गंभीर रूप से घायल मोल्ला को पहले जामतला ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया और बाद में चोटों की गंभीरता को देखते हुए एसएसकेएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।

रविवार को डॉक्टरों द्वारा मोल्ला को 'ब्रेन डेड' घोषित किये जाने के बाद क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (आरओटीओ) के प्रतिनिधियों ने उनके परिवार से अंग दान के बारे में बात की। इसके बाद परिवार अंग दान पर सहमत हो गया और मंगलवार को उनकी पत्नी तस्लीमा ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये। डॉक्टरों ने उनके लिवर, किडनी और कॉर्निया निकालने की योजना बनायी थी। कल रात अंग निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान ऑपरेशन टेबल पर ही मोल्ला का दिल धड़कना बंद हो गया, जिससे उनके ज़्यादातर अंग निकालना नामुमकिन हो गया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार आखिरकार सिर्फ़ उनके कॉर्निया ही दान किये जा सके।

एसएसकेएम के डॉक्टरों और बंगाल अंगदान सोसाइटी के सदस्यों ने परिवार के फैसले को बहुत अहम बताया, खासकर इसलिए क्योंकि यह फैसला सुंदरबन के एक दूर-दराज और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय की ओर से आया था।

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