वाराणसी , जून 3 -- धार्मिक नगरी काशी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद अब चार और पांच जून को वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित होने जा रही है।
ताज होटल में प्रस्तावित इस बैठक में देश-विदेश के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पर्यटन विकास, स्थानीय उत्पादों के संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि काशी को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में वाराणसी की समृद्ध शिल्प परंपरा के छह शिल्पियों के छह विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। ये सभी उत्पाद काशी की सदियों पुरानी कला, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को न केवल इन उत्पादों की विशिष्टता से परिचित कराया जाएगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा।
प्रदेश सरकार ने ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों के संरक्षण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। इन प्रयासों से हजारों शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को नई पहचान एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। काशी के हस्तशिल्प उत्पाद आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं।
बैठक में शामिल होने वाले देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से मेहमान काशी पहुंचेंगे। प्रदर्शनी में शामिल प्रस्तावित जीआई एवं ओडीओपी उत्पादों में बनारस गुलाबी मीनाकारी क्राफ्ट, बनारस ब्रोकेड एवं साड़ी, वाराणसी सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, वाराणसी वुडन लेकर वेयर एंड टॉयज, बनारस मेटल रिपौसे क्राफ्ट और बनारस ग्लास बीड्स शामिल रहेंगे।
जीआई विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने बताया कि ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे अपने उत्पादों का प्रदर्शन होने से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और काशी के पारंपरिक शिल्प को नई वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।
नेशनल अवार्डी रामेश्वर सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से बड़ा मंच मिलता है। ब्रिक्स में हैंडीक्राफ्ट के प्रदर्शन से शिल्पियों के हाथ के हुनर को 'लोकल टू ग्लोबल' बाजार मिलेगा। नेशनल अवार्डी (गुलाबी मीनाकारी) कुंज बिहारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद जीआई एवं ओडीओपी उत्पादों के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने प्रदेश के हस्तशिल्प को नई पहचान देते हुए प्राचीन मरती हुई कलाओं को जीवित कर दिया है। इस प्रदर्शनी से वाराणसी के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा। देश-विदेश से आए विशिष्ट मेहमान काशी की इस कला से परिचित होंगे और हैंडीक्राफ्ट की बारीकियों को जानेंगे। इस मंच से ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित