नई दिल्ली , जुलाई 24 -- भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा आयोजित तीसरी ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण मंत्रीस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर संयुक्त वक्तव्य अपनाया गया जिसमें सदस्य देशों ने ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्ययोजना (2025-2028) के क्रियान्वयन में तेजी लाने और सामुदायिक सहयोग को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई इस बैठक में ब्रिक्स देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख शामिल हुए। श्री राय ने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर ब्रिक्स सहयोग का विकास उदयपुर घोषणा (2016) से कज़ान घोषणा (2024) और ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण समूह की स्थापना तक पहुँचा है। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पूर्व चेतावनी प्रणालियों, लचीले अवसंरचना, प्रकृति-आधारित समाधानों और सामुदायिक स्तर पर सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया।
बैठक में जलवायु-स्मार्ट और आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना पर एक उच्चस्तरीय नीति संवाद तथा 2025-2028 कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर एक मंत्रीस्तरीय गोलमेज बैठक भी आयोजित की गई। भारत ने साक्ष्य-आधारित नीतिनिर्माण, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, क्षमता निर्माण और ब्रिक्स देशों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पहलों के क्रियान्वयन के समर्थन के लिए छह प्रमुख ज्ञान उत्पाद भी 'लॉन्च' किए। मंत्रियों ने तकनीकी आदान-प्रदान, संयुक्त परियोजनाओं, सिमुलेशन अभ्यासों, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और वार्षिक विषयगत कार्यधाराओं के माध्यम से व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
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