नयी दिल्ली , जून 12 -- आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच साझा ज्ञानवर्धन और व्यावहारिक सहयोग के मंच के रूप में ब्रिक्स शहरीकरण फोरम के महत्व पर विशेष बल दिया।
वह 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम के कार्यक्रम के समापन पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महत्वपूर्ण चर्चाओं को निरंतर संस्थागत सहभागिता, शहरों के बीच आदान-प्रदान और निरंतर सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
सभी देशों ने फोरम से प्राप्त सीखों को आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच निरंतर सहयोग बनाए रखने के लिए, व्यावहारिक शहरी अनुसंधान, ज्ञान साझाकरण और सहकर्मी-से-सहकर्मी से सीखने के लिए 'ब्रिक्स शहरी अनुसंधान और ज्ञान नेटवर्क' स्थापित करने के भारत के प्रस्ताव का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस नेटवर्क को ब्रिक्स के भीतर शहरी सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और सतत तंत्र प्रदान करने हेतु अध्यक्षीय नेतृत्व वाले तथा संस्थागत रूप से जुड़े फोरम के रूप में तैयार किया गया है। यह व्यवस्थित ज्ञान-साझाकरण और पारस्परिक शिक्षण को बढ़ावा देगा, साथ ही व्यावहारिक समाधानों, शहर-स्तरीय अनुभवों और परिचालन संबंधी सीखों के आदान-प्रदान के माध्यम से नीति और कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगा।
एक आभासी, कम लागत वाले और लचीले मॉडल के माध्यम से संचालित होने वाले इस नेटवर्क का समन्वय प्रत्येक वर्ष ब्रिक्स अध्यक्ष देश की प्रमुख संस्था द्वारा किया जाएगा, और इसकी गतिविधियाँ तथा परिणाम अगले अध्यक्षीय सत्र को सौंप दिए जाएँगे।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने दो दिवसीय फोरम का सारांश प्रस्तुत किया, जिसमें सदस्य देशों के बयानों, पैनल चर्चाओं, द्विपक्षीय बैठकों और घोषणापत्र पर विचार-विमर्श से उभरे प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला गया।
समापन समारोह के दौरान एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें मुख्य झलकियाँ प्रस्तुत की गईं।
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