नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले इसके सदस्य और अन्य आमंत्रित देशों की महिला नेताओं ने नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए घोषणा-पत्र में बाध्यकारी प्रावधानों और मजबूत संस्थागत तंत्र की मांग की है।
यह मांग ब्रिक्स समूह और अन्य के बीच डायलॉग- 2026 में आयोजित एक उच्चस्तरीय पैनल के दौरान सामने आई। इस कार्यक्रम का आयोजन ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ब्रिक्स सीबीआई) ने किया। पैनल का विषय 'हाशिए से मुख्यधारा तक: ब्रिक्स नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में महिलाओं के नेतृत्व को संस्थागत रूप देना' था। चर्चा में ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और भारत के नेताओं ने भाग लिया।
ब्रिक्स सीबीआई वी की अध्यक्ष और वुमेन इन इनोवेशन, साइंस एंड एंटरप्रेन्योरशिप"वाइज" की कार्यक्रम प्रमुख रूबी सिन्हा ने वैश्विक महिला नेतृत्व कार्यक्रम तथा वाइज जैसी पहलों पर प्रकाश डाला। इन पहलों का उद्देश्य नवाचार एवं सहयोग, वित्त तक पहुंच और नीतिगत वकालत को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि नवाचार और वेंचर फंडिंग से जुड़े संस्थानों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी कम है और व्यक्तिगत ब्रिक्स अध्यक्षताओं से आगे बढ़कर दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं की आवश्यकता है।
ब्रिक्स के पूर्व शेरपा और भारत सरकार के पूर्व सचिव संजय भट्टाचार्य ने नेतृत्वकारी पदों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, नवाचार और रचनात्मक उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ वंचित समुदायों की महिलाओं के बीच शिक्षा और सशक्तिकरण की खाई को दूर करने की जरूरत बताई।
दक्षिण अफ्रीका की ब्रिक्स महिला व्यवसाय गठबंधन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एचआरएच लेबोगांग जुलू ने प्रस्तावित ब्रिक्स महिला उन्नति कोष में प्रगति की मांग की। उन्होंने कहा कि हजारों महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप को उद्यम पूंजी, बाजारों और खरीदारों तक बेहतर पहुंच की आवश्यकता है।
ब्राजील, ईरान और रूस के प्रतिभागियों ने भी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, सीमा-पार सहयोग, साझा मानकों, उद्योग से जुड़े शिक्षा कार्यक्रमों तथा शिक्षा और रोजगार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यापक एकीकरण के महत्व को रेखांकित किया।
पैनल के समापन पर ज्ञान के आदान-प्रदान, सीमा-पार कारोबार, उद्यमिता वित्तपोषण और डिजिटल पहुंच के लिए साझा "ब्रिक्स प्लस" मंच स्थापित करने का आह्वान किया गया। प्रतिभागियों ने महिलाओं के नेतृत्व को हाशिए से मुख्यधारा में लाने के लिए मजबूत संस्थागत समर्थन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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