भोपाल , जुलाई 3 -- विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन, भोपाल ने राजगढ़ जिले की नगर पालिका परिषद ब्यावरा के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी इकरार अहमद, तत्कालीन संविदा उपयंत्री राजेश दांगी तथा निजी आर्किटेक्ट कंसल्टेंट केके शर्मा के खिलाफ भवन अनुज्ञा प्रकरणों में कथित अनियमितता कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है।

लोकायुक्त द्वारा जारी प्रेस के अनुसार वर्ष 2018-19 से 2020 के दौरान भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करते समय कर्मकार शुल्क एवं वाटर हार्वेस्टिंग शुल्क की नियमानुसार वसूली नहीं की गई, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा।

जांच में पाया गया कि तत्कालीन संविदा उपयंत्री राजेश दांगी तथा एक लिपिक द्वारा शासकीय सेवा में रहते हुए निजी कंसल्टेंट के रूप में फर्जी आईडी तैयार कर भवन अनुज्ञा के आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनकी अनुशंसा पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी इकरार अहमद ने भवन अनुज्ञाएं जारी कीं।

लोकायुक्त के अनुसार भवन निर्माण की लागत का आकलन निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया गया तथा निजी कंसल्टेंट द्वारा प्रस्तुत कथित रूप से गलत प्राक्कलनों को स्वीकार कर अनुज्ञाएं जारी की गईं। इसके अलावा कई मामलों में 10 लाख रुपये से कम निर्माण लागत दर्शाकर उपकर की राशि तथा 140 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों पर देय वाटर हार्वेस्टिंग शुल्क की वसूली नहीं की गई।

लोकायुक्त ने जांच में इन आरोपों की पुष्टि होने पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी इकरार अहमद, तत्कालीन संविदा उपयंत्री राजेश दांगी तथा निजी आर्किटेक्ट कंसल्टेंट केके शर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(ग) तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

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