बहराइच , जून 16 -- उत्तर प्रदेश में जनपद बहराइच की नगर पंचायत पयागपुर में मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक का 11 सभासदों ने सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार करने वाले सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष पर भेदभावपूर्ण कार्यशैली, विकास कार्यों में पक्षपात, पारदर्शिता की कमी तथा नियुक्तियों में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

सभासदों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नगर पंचायत अध्यक्ष की कथित मनमानी के कारण कई वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनहित से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। सभासदों का आरोप है कि सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही, जिससे स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि वार्डों की समस्याओं को कई बार बोर्ड बैठकों और अन्य माध्यमों से उठाया गया, लेकिन उनके समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है और स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि बोर्ड की कार्यवाही में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है तथा कई प्रस्तावों को नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए पारित कराया गया। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण मामलों में बोर्ड सदस्यों की राय और आपत्तियों को नजरअंदाज कर निर्णय लिए गए, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है।

इसके अलावा सभासदों ने कर्मचारियों की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि कुछ नियुक्तियां नियमों के विपरीत की गई हैं तथा नई नियुक्तियों के प्रयास भी पारदर्शी तरीके से नहीं किए जा रहे हैं। सभासदों ने मांग की कि नगर पंचायत के संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का संचालन नियमों के अनुरूप एवं निष्पक्ष तरीके से किया जाए।

बहिष्कार करने वाले सभासदों ने कहा कि वे भ्रष्टाचार, पक्षपात, अनियमितता और मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे तथा जनहित के विरुद्ध किसी भी निर्णय का विरोध करेंगे। उन्होंने नगर पंचायत की नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने, सभी सभासदों को अपने वार्डों की समस्याएं रखने का अवसर देने और व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लेने की मांग की है।

सभासदों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि नगर पंचायत पयागपुर में पारदर्शी प्रशासन, संतुलित विकास और जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उनका दावा है कि सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और सुझावों को महत्व दिए जाने पर नगर पंचायत का समग्र विकास संभव है।

इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि आज बैठक थी जिसमें नगर पंचायत के सभी 18 सदस्यों को सूचित किया गया था सात सभासद बैठक में मौजूद रहे, विरोध की कोई सूचना मुझे नहीं है।

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