दावणगेरे , अप्रैल 01 -- कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में लोकसभा सांसद बसवराज बोम्मई ने बुधवार को मतदाताओं से अपील की कि वे भ्रष्ट सरकार को सत्ता से हटा दें और समझदारी से वोट देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फिर से सत्ता में लाएं।
श्री बोम्मई ने कहा कि मौजूदा उपचुनाव ने एक व्यापक राजनीतिक लड़ाई को केवल अस्थायी रूप से रोका है, जो मई में राज्य में और तेज़ हो जाएगी। उपचुनाव के सिलसिले में यहाँ श्री वासावी कल्याण मंडप में आयोजित आर्य वैश्य समुदाय के नेताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा उम्मीदवार श्रीनिवास दासकरियप्पा के लिए वोट मांगा।
उन्होंने कहा कि आर्य वैश्य समुदाय अनुशासित है और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले 30 वर्षों से इस निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बार उनका सोच-समझकर लिया गया निर्णय सफलता दिलाएगा। समुदाय की कार्य-संस्कृति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल पैसे के बजाय कड़ी मेहनत को ही सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने वैश्य समुदाय के लोगों से श्रीनिवास का समर्थन करने का आग्रह किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पिछड़े वर्गों का अपमान किया है। उन्होंने राज्य सरकार पर सत्ता के नशे में चूर होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पिछड़े वर्गों के विकास के लिए रखे गए 410 करोड़ रुपये जाति जनगणना के कामों में लगा दिए गए, जिससे पिछड़े वर्ग के निगमों के पास कोई राशि नहीं बची है।
उन्होंने कहा कि क्या यह जनगणना सिर्फ़ पिछड़े वर्गों के लिए ही की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पिछड़े समुदायों की उपेक्षा की है। श्री बोम्मई ने राज्य सरकार पर सार्वजनिक धन के कुप्रबंधन का भी आरोप लगाया, और दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान आर्य वैश्य निगम को दी गयी राशि का सही इस्तेमाल हुआ था और उसकी रिकवरी दर 95 प्रतिशत थी, जबकि मौजूदा सरकार ने पिछले दो सालों में कोई राशि जारी नहीं की गयी है।
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