रायपुर , अक्टूबर 10 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रदेश दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी चिंताओं और मांगों की जानकारी लेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के बस्तर प्रवास की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम जल्द निर्धारित किया जाएगा। माओवादियों के खात्मे के बाद इसे राहुल गांधी का पहला बस्तर दौरा बताया जा रहा है।

श्री बैज ने कहा कि कांग्रेस बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ग्रामीणों के साथ खड़ी है। आदिवासियों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के कारण स्थानीय जनजातीय समुदाय की आजीविका, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत हाल ही में बस्तर का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने परियोजना से प्रभावित होने की आशंका वाले ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और चिंताओं की जानकारी ली थी। इसी क्रम में अब राहुल गांधी का प्रवास प्रस्तावित किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसान और ग्रामीण अपनी बात सीधे उनके समक्ष रख सकें।

कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि परियोजना से संभावित विस्थापन, आदिवासियों के अधिकारों तथा स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा आवश्यक है। हालांकि, राहुल गांधी के दौरे की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

इस दौरान श्री बैज ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भी राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली उत्पादन के मामले में सरप्लस राज्य होने के बावजूद छत्तीसगढ़ को दूसरे राज्यों से बिजली खरीदनी पड़ रही है। वहीं, अघोषित बिजली कटौती के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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