बोकारो , फरवरी 06 -- झारखंड के भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड सेल की इकाई बोकारो स्टील लिमिटेड (बी एस एल) में श्रमिक आंदोलन के मद्देनजर औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता का जायजा लेने को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के मुख्य द्वार पर मॉक ड्रिल आयोजित की।
आधारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि श्रमिकों के उग्र विरोध प्रदर्शन और प्लांट प्रवेश में बाधा उत्पन्न करने के मद्देनजर केंद्रित इस अभ्यास में विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय स्थापित कर स्थिति नियंत्रित करने की रणनीतियां बनाई है। ड्रिल में सीआईएसएफ के जवान, बोकारो स्टील सिटी थाना पुलिस, बीएसएल सुरक्षा विभाग और औद्योगिक संबंध विभाग के अधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने के प्रयास पर क्राउड कंट्रोल तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
वॉटर कैनन (कृत्रिम), अश्रुगैस और न्यूनतम बल प्रयोग जैसी रणनीतियों से निकासी एवं नियंत्रण सुनिश्चित किया गया, ताकि न्यूनतम नुकसान के साथ हालात संभाले जा सकें।अभ्यास के बाद उपमहानिरीक्षक, सीआईएसएफ इकाई बीएसएल बोकारो ने बताया, "बोकारो स्टील प्लांट एक संवेदनशील औद्योगिक इकाई है। यहां किसी अशांति से उत्पादन और राष्ट्रीय संपत्ति को खतरा हो सकता है।
आज की ड्रिल से साबित हो गया कि सीआईएसएफ, बीएसएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन किसी भी चुनौती से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच पूर्वानुमान, संचार, समन्वय और प्रतिक्रिया की जांच था। इस ड्रिल ने प्लांट की सुरक्षा तत्परता को और सशक्त किया है, जो भविष्य में किसी भी आकस्मिक घटना के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
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