बोकारो , अप्रैल 07 -- झारखंड में बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र स्थित के.एम. मेमोरियल अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने हंगामा किया।

पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा मचा दिया। चास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने बताया कि विगत 3 अप्रैल को चास निवासी मिराज अंसारी की पत्नी को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन से जन्मे बच्चे को शुरू में परिजनों ने पूरी तरह स्वस्थ बताया। रात में बच्चे की तबीयत थोड़ी खराब होने पर डॉक्टरों ने हाई-एंटीबायोटिक इंजेक्शन प्रेस्क्राइब किया। मंगलवार सुबह करीब सात बजे सोते हुए बच्चे को नर्स ने इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों को बुलाया गया, लेकिन इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि बच्चा खेलते-खेलते सो गया था और पूरी तरह ठीक था, लेकिन इंजेक्शन लगते ही उसकी जान चली गई। इसी बात पर अस्पताल में परिजन भारी संख्या में जुट गए और प्रबंधन व डॉक्टरों से टकराव हो गया। समाजसेवियों की मध्यस्थता से वार्ता हुई, लेकिन हंगामा थमा नहीं।

बच्चे का इलाज कर रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. इमरान असगर ने कहा कि बच्चे की मौत मां का दूध पीते समय सरकने से हुई होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने कहा, "मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान है। सरकने से मौत होने पर बच्चे का चेहरा नीला पड़ जाता है। पुलिस परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित