नागपुर , जुलाई 11 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने नागपुर हिंसा के आरोपी फहीम खान का घर गिराने को लेकर नागपुर नगर निगम (एनएमसी) को फटकार लगायी और सवाल किया कि दूसरे अवैध निर्माणों के खिलाफ ऐसी तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ ने नगर निकाय को दो हफ्ते के अंदर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें उस अधिकारी का नाम बताना होगा जिसने घर गिराने का आदेश दिया था और नोटिस जारी करने के 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करने के कारण बताने के साथ ही उन दूसरे मामलों की जानकारी देनी होगी जिनमें इसी तरह तुरंत घर गिराने की कार्रवाई की गयी थी।
फहीम की मां जहरुननिसा और एक अन्य आरोपी अब्दुल हफीज के बेटे अयाज शेख ने अपनी याचिका में हिंसा के बाद एनएमसी द्वारा अपनी संपत्तियां गिराये जाने को चुनौती दी है।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि घर गिराने की कार्रवाई शीर्ष न्यायालय की नवंबर 2024 के दिशानिर्देश का उल्लंघन है। इन दिशानिर्देशों के तहत कोई भी निर्माण गिराने से पहले पर्याप्त पूर्व सूचना देना, जवाब देने का मौका देना और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरुरी है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का घर सिर्फ इसलिए नहीं गिराया जा सकता क्योंकि वह किसी आपराधिक मामले में आरोपी है।
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