नागपुर/मुंबई , जुलाई 27 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सोशल मीडिया मंच मेटा, एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर), गूगल एलएलसी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक पोस्ट एवं एआई निर्मित डीपफेक सामग्री को लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति अभय आहूजा की पीठ ने भाजपा नेता को प्रस्तावित दीवानी मुकदमा दायर करने और उस सामग्री को हटाने के लिए अंतरिम रोक सहित अस्थायी राहत मांगने की अनुमति दी। इस सामग्री में कथित तौर पर उन्हें एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम और राष्ट्रव्यापी ई20 ईंधन पहल के साथ झूठे तरीके से जोड़कर दिखाया गया है।
अधिवक्ता संदीप एस. लड्डा के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि श्री गडकरी से संबंधित मानहानिकारक सामग्री मेटा, एक्स कॉर्प और गूगल के स्वामित्व वाले या संचालित प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित, प्रसारित और उपलब्ध करायी गयी है, जिससे यह आम जनता के लिए आसानी से उपलब्ध हो गयी है।
याचिका के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति श्री गड़करी की जानकारी, सहमति या अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर और रूप-रंग का इस्तेमाल करके झूठे, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक पोस्ट, ट्वीट, रील, वीडियो, तस्वीरें और अन्य डिजिटल सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। इनमें एआई की मदद से निर्मित डीपफेक और हेरफेर की गयी ऑडियो-विजुअल सामग्री शामिल है। मंत्री ने मुकदमा दायर करने और कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाने के लिए अंतरिम निर्देश मांगने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी।
यह याचिका भाजपा नागपुर शहर सोशल मीडिया सेल के संयोजक शिशिर अरुण त्रिपाठी द्वारा पिछले महीने दर्ज करायी गयी एक शिकायत के बाद आयी है। इसमें आरोप लगाया गया था कि कई वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में श्री गडकरी और ई20 ईंधन के संबंध में निराधार एवं भ्रामक दावे शामिल हैं। ऐसे दावे जनता में भ्रम पैदा कर सकते हैं और शांति भंग कर सकते हैं। प्रस्तुत डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने कथित भ्रामक एवं फर्जी वीडियो और मानहानिकारक सामग्री बनाने और प्रसारित करने के आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
उच्च न्यायालय की कार्यवाही से पहले, श्री गडकरी के बारे में कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप में महाराष्ट्र में कई कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ मामले भी दर्ज किये गये थे। इनमें विशेष रूप से गत तीन जुलाई को क्रिएटर मनीष कश्यप द्वारा अपलोड एक यूट्यूब वीडियो और "देसी बॉयज", "हर्षित राठी" और "अंकलेश इनवाती" के रूप में पहचाने गये अकाउंट से साझा की गयी पोस्ट का उल्लेख किया गया था। इन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने श्री गडकरी और ई20 ईंधन कार्यक्रम के संबंध में भ्रामक एवं आपत्तिजनक दावे प्रसारित किये।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित