बैतूल , अक्टूबर 16 -- बैतूल जिले में चोरी के मामलों में गिरफ्तार तीन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की समीक्षा के दौरान विवेचना की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। साईंखेड़ा पुलिस ने पंकज कवड़े, हर्ष उर्फ हर्षवर्धन धुर्वे और चमन उर्फ अमन खंडाग्रे को चोरी के मामलों में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, चमन के खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, मारपीट और आर्म्स एक्ट के करीब 23 प्रकरण दर्ज हैं, जबकि पंकज के खिलाफ आठ और हर्ष के खिलाफ पांच मामले दर्ज पाए गए हैं।

चमन के खिलाफ दर्ज मामलों में अब तक सजा नहीं होने की जानकारी सामने आने पर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने विवेचना में संभावित लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित मामलों के विवेचकों से स्पष्टीकरण मांगा है और जांच में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एसपी ने कहा कि केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना ही पुलिस की कार्रवाई का अंतिम उद्देश्य नहीं है। मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना, गुणवत्तापूर्ण विवेचना करना और न्यायालय में आरोप सिद्ध करने के लिए प्रभावी तरीके से पक्ष रखना भी जरूरी है। पुलिस विभाग ने विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और न्यायालयीन प्रक्रिया की निगरानी पर जोर दिया है।

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