बैतूल , जुलाई 27 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित शिविर में 919 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिनमें 377 महिलाओं को हाई रिस्क गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया। इसके अलावा 87 महिलाओं की सोनोग्राफी भी कराई गई।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे ने बताया कि अभियान का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। शिविर में सभी गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन सहित आवश्यक रक्त जांच और गर्भकालीन मधुमेह (जीडीएम) की स्क्रीनिंग भी की गई।
जिला अस्पताल बैतूल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना धाकड़ ने 91 गर्भवती महिलाओं की जांच की, जिनमें 16 हाई रिस्क श्रेणी में पाई गईं। साथ ही 87 महिलाओं की सोनोग्राफी की गई। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भी बड़ी संख्या में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई। भैंसदेही में 44 में से 29, आठनेर में 85 में से 32, भीमपुर में 66 में से 42, सेहरा में 180 में से 65, घोड़ाडोंगरी में 76 में से 48, मुलताई में 86 में से 44, शाहपुर में 101 में से 28 तथा आमला में 44 में से 29 महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया। इसके अलावा प्रभात पट्टन, मासोद, दामजीपुरा और चिचोली में भी जांच कर जोखिम वाले मामलों की पहचान की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, आवश्यक उपचार और समय पर रेफरल की व्यवस्था की जा रही है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाले जोखिम को कम किया जा सके।
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