बैतूल , जुलाई 27 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में नजूल विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम ने सरकारी भूमि पर किए गए सर्वेक्षण में 27 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं। इनमें 13 स्थानों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपे जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज से करबला की ओर जाने वाले चिचोली मार्ग के दोनों ओर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामला समय-सीमा (टीएल) बैठक में उठाए जाने के बाद प्रशासन ने संयुक्त सर्वे कराने का निर्णय लिया। शनिवार को नजूल विभाग के राजस्व निरीक्षक, पटवारी अवधेश वर्मा तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सीमांकन और नापजोख की। इस दौरान तहसीलदार पूनम साहू ने भी स्थल का निरीक्षण किया।

सर्वेक्षण में नजूल शीट क्रमांक-44 के प्लॉट क्रमांक-6 तथा नजूल शीट क्रमांक-45 के प्लॉट क्रमांक-19 पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पाया गया। यह भूमि सड़क निर्माण और भविष्य में सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। संयुक्त टीम ने ओवरब्रिज से उदय परिसर तक पूरे क्षेत्र का सर्वे कर पंचनामा तैयार किया।

पंचनामा के अनुसार कुल 27 लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। इनमें से 13 लोग अतिक्रमित भूमि पर दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। सर्वे में सबसे बड़ा अतिक्रमण लगभग 30 गुणा 25 फीट तथा सबसे छोटा 12 गुणा 10 फीट का पाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण एवं अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों ने शहर में सरकारी भूमि पर नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि अतिक्रमण हटाने के बाद भी लगातार निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि दोबारा अवैध कब्जे न हो सकें।

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