बैतूल , अगस्त 02 -- मध्य प्रदेश के बैतूल में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध पुराने आवासों के पुनर्विकास की दिशा में कवायद तेज हो रही है। जिला मुख्यालय के सदर क्षेत्र में स्थित शासकीय आवासों को पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत आधुनिक मल्टी-टाइप रेजिडेंसी में विकसित करने पर प्रारंभिक स्तर पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार, बैतूल शहर के कालापाठा और सदर क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वर्षों पुराने सरकारी बंगले और क्वार्टर बने हुए हैं। समय के साथ इनमें से कई आवास जर्जर हो चुके हैं। मरम्मत की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई कर्मचारी स्वयं खर्च कर मरम्मत कराने को मजबूर हैं, जबकि बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों को अब तक सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हो पाए हैं और उन्हें किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है।
इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सदर क्षेत्र में पुराने आवासों के स्थान पर बहुमंजिला मल्टी-टाइप शासकीय आवास विकसित करने की संभावना पर चर्चा चल रही है। प्रस्तावित योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त फ्लैट तैयार किए जा सकते हैं, जिससे वर्तमान की तुलना में अधिक संख्या में आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
चर्चा यह भी है कि इस परियोजना को किसी निजी कंपनी के बजाय हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे। प्रस्तावित मॉडल में भूतल पर व्यावसायिक दुकानें और ऊपरी मंजिलों पर आवास विकसित किए जाने की अवधारणा पर भी विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पुनर्घनत्वीकरण योजना के दूसरे चरण में शहर की कुछ अन्य प्रमुख शासकीय भूमि को भी शामिल किए जाने की चर्चा है। इनमें सतपुड़ा क्लब से लगी भूमि और लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के समीप स्थित रेस्ट हाउस परिसर का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि, इन सभी प्रस्तावों पर अभी औपचारिक निर्णय लिया जाना बाकी है और अंतिम रूप संबंधित विभागों की स्वीकृति के बाद ही तय होगा।
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