बैतूल , जून 24 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश से किसानों और आमजन में राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अभी भी अच्छी वर्षा का इंतजार बना हुआ है।
जिले में बुधवार को कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही के बीच हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि अभी तक व्यापक और तेज बारिश नहीं होने से किसान बुवाई शुरू करने को लेकर प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून प्रदेश में प्रवेश कर चुका है और 24 से 27 जून के बीच जिले में मौसम के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
कृषि विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार जिले में अब तक प्री-मानसून अवधि में लगभग 45 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य राहत के लिए पर्याप्त है, लेकिन खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अभी पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
प्रगतिशील किसान विनय वर्मा ने बताया कि इस वर्ष मृग नक्षत्र अपेक्षाकृत सूखा रहा, जिसके कारण सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अब आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ हो चुका है और किसानों को आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि बुवाई का कार्य लगभग 15 दिन पीछे चल रहा है, लेकिन अभी स्थिति चिंताजनक नहीं है। यदि आगामी दिनों में संतुलित वर्षा होती है तो फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में जिले में गरज-चमक के साथ वर्षा, तेज हवाएं और आंधी की संभावना है। हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुमान के अनुरूप वर्षा होने पर किसानों की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी और खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी।
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