बैतूल , अक्टूबर 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में इस बार दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन कार्यक्रम में डीजे का उपयोग नहीं किया जाएगा। गणेश उत्सव के दौरान तेज आवाज के कारण एक छात्र की मृत्यु की घटना के बाद श्री कृष्णा पंजाब सेवा समिति ने यह निर्णय लिया है। डीजे के स्थान पर पारंपरिक माइक और हॉर्न से ध्वनि व्यवस्था की जाएगी।

लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में मंगलवार, 20 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में 55 फीट ऊंचे रावण और 50 फीट ऊंचे कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। पुतले तैयार कर खड़े कर दिए गए हैं। उनके चेहरे, कान और हाथों में लगी तलवारों पर विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में रंगीन आतिशबाजी भी होगी।

मऊगंज से आए गणेश रामलीला मंडल के कलाकार राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। इसमें लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध और कुंभकरण वध जैसे प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। मंचन के बाद रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन होगा।

आयोजन में पिछले पांच दशकों से लाइट और साउंड व्यवस्था संभाल रहे अकबर भाई इस बार भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। डीजे के विकल्प के रूप में पारंपरिक साउंड सिस्टम लगाया गया है, ताकि रामलीला के संवाद और मंचन की आवाज दर्शकों तक स्पष्ट रूप से पहुंच सके। आयोजन समिति को उम्मीद है कि कार्यक्रम देखने के लिए बैतूल शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम पहुंचेंगे।

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