बैतूल , मार्च 27 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में चना और मसूर की सरकारी खरीदी को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार फेस ऑथेंटिकेशन की नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत किसानों की पहचान के बाद ही उपज की खरीदी की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्रों पर किसानों की पहचान आधार-सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल एप के माध्यम से चेहरे के प्रमाणीकरण से की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।

बताया गया है कि ज्वार और सोयाबीन की भावांतर योजना तथा धान खरीदी में सिकमी बटाईनामा के जरिए सामने आए कथित फर्जीवाड़ों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इन मामलों के बाद राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सख्त और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने पर जोर दिया है।

नई व्यवस्था के तहत यदि किसान स्वयं केंद्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अधिकतम तीन व्यक्तियों के नाम और उनके आधार नंबर पहले से दर्ज करा सकता है। ये व्यक्ति उसकी उपज केंद्र तक लाकर बेच सकेंगे, लेकिन उनकी पहचान भी फेस ऑथेंटिकेशन से ही सुनिश्चित की जाएगी। खरीदी का भुगतान सीधे पंजीकृत किसान के बैंक खाते में किया जाएगा।

जिले में इस वर्ष चना खरीदी के लिए 21 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 30 मार्च से खरीदी शुरू होगी। प्रशासन ने लगभग सात हजार मीट्रिक टन चना खरीदी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 5247 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

उप संचालक कृषि डॉ. आनंद बड़ोनिया ने बताया कि किसानों को खरीदी के समय केंद्र पर उपस्थित होना आवश्यक है, ताकि चेहरे का प्रमाणीकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि भेजने की स्थिति में उसका भी सत्यापन किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित