बैतूल , जून 30 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अनुकंपा नियुक्ति के 51 प्रकरण वर्षों से लंबित हैं। इनमें कई परिवार ऐसे हैं, जो पिछले पांच वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नवागत कलेक्टर डॉ. संजय सोनवणे द्वारा इन मामलों की समीक्षा शुरू किए जाने से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, सरकारी सेवा के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पात्र परिजन को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य परिवार को आर्थिक संकट से उबारना और आजीविका का सहारा उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित पद के अनुरूप शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक है।
जिले में वर्तमान में 51 प्रकरण लंबित हैं। कई आवेदक वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और कुछ मामलों में पांच वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। लंबे इंतजार के कारण अनेक आवेदकों को आयु सीमा पार होने की भी चिंता है।
कलेक्टर डॉ. संजय सोनवणे ने पदभार संभालने के बाद लंबित प्रकरणों की समीक्षा शुरू की है। इसके तहत हाल ही में 14 प्रकरणों का निराकरण कर नियुक्ति की कार्रवाई के लिए वन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय विभाग तथा जेएच कॉलेज को भेजा गया है। इन विभागों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियमानुसार नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रशासन ने शेष 37 लंबित प्रकरणों के संबंध में भी विभिन्न विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। संबंधित विभागों को रोस्टर के अनुसार अनुमति प्राप्त कर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति केवल स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर ही दी जा सकती है। जिले में पर्याप्त रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकांश मामलों में नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है।
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