बैतूल , अक्टूबर 11 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शारदेय नवरात्र का शुभारंभ रविवार को धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ हुआ। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और देवी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। घरों और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान से घटस्थापना और जवारे बोने का क्रम शुरू हुआ।

बैतूल शहर में करीब दो सौ से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक उत्सव समितियों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। कई स्थानों पर मां काली, भगवान भोलेनाथ और सांई बाबा की प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं। नवरात्र के मद्देनजर बाजारों में चुनरी, नारियल, पूजन सामग्री और श्रृंगार की दुकानों पर भी भीड़ देखी गई।

नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु घरों में अखंड ज्योत प्रज्वलित कर देवी गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आराधना करेंगे।

इस दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रामलीला, गरबा, डांडिया और रात्रि जागरण सहित विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दुर्गाष्टमी पर हवन-पूजन और महानवमी पर कन्या भोज के साथ अनुष्ठानों का समापन होगा। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

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