बैतूल , अप्रैल 24 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रभातपट्टन स्थित अनुसूचित जाति बालक एवं कन्या छात्रावासों के आकस्मिक निरीक्षण में हॉस्टल खाली मिले, जबकि रिकॉर्ड में पूर्ण उपस्थिति दर्ज पाई गई।
प्रशासनिक टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में सुबह करीब 9:30 बजे बालक छात्रावास पूरी तरह खाली पाया गया। एक भी छात्र मौजूद नहीं था, जबकि रजिस्टर में सभी की उपस्थिति दर्ज थी। इसे अधीक्षक गुलाबराव कोडोपे की गंभीर लापरवाही माना गया है। कमरों में अव्यवस्था, बिखरे पलंग और गंदे गद्दे भी मिले, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए।
कन्या छात्रावास में भी स्थिति चिंताजनक रही। अधीक्षिका सुमन यादव निरीक्षण के समय अनुपस्थित थीं और छात्रावास में कोई छात्रा मौजूद नहीं थी। सूचना मिलने पर वे बाद में पहुंचीं। अधिकारियों ने उनके छात्रावास में निवास नहीं करने को शासन निर्देशों का उल्लंघन माना। परिसर में गंदगी और अस्वच्छ शौचालय पाए जाने पर तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए।
सूत्रों के अनुसार वार्षिक परीक्षाओं के बाद अधिकांश छात्र-छात्राएं अपने गांव लौट गए हैं, लेकिन कई स्थानों पर वास्तविक उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में पूर्ण हाजिरी दर्ज की जा रही है, जो गंभीर गड़बड़ी की ओर संकेत करती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त विवेक पांडे ने दोनों छात्रावासों के अधीक्षक और अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने स्वयं छात्रावासों का निरीक्षण कर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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