बैतूल , अगस्त 09 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बारिश के बीच सर्पदंश की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। जिले में एक सप्ताह के भीतर सांप के काटने से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला मंडई बुजुर्ग गांव का है, जहां रविवार तड़के घर में जमीन पर अपनी मां के साथ सो रहे नौ वर्षीय बालक को सांप ने डस लिया। उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक बालक की पहचान आशीष पिता राजेश धुर्वे के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब पांच बजे आशीष अपनी मां जयवंती के साथ घर में जमीन पर सो रहा था। इसी दौरान उसे अचानक उल्टियां होने लगीं। मां ने आसपास देखा तो घर के अंदर सांप दिखाई दिया। इसके बाद परिजन तत्काल बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
आशीष परिवार में दो बेटियों और दो बेटों में सबसे छोटा था। बच्चे की मौत की सूचना से परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर सोनाघाटी पुलिस चौकी की टीम जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
सोनाघाटी पुलिस चौकी के जांच अधिकारी दीवान सिंह बनकर ने बताया कि बालक का पोस्टमार्टम कराया गया है। शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जिले में एक सप्ताह के भीतर सर्पदंश से बच्चे की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 07 अगस्त को झाड़कुंड गांव में 12 वर्षीय बालिका को रात में सोते समय सांप ने डस लिया था। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।
वही कहा गया है कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु बिलों तथा सुरक्षित ठिकानों से निकलकर घरों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में जमीन पर सोने से बचने, चारपाई या पलंग का उपयोग करने तथा रात में फर्श, बिस्तर, कपड़े और जूतों की जांच करने की सलाह दी गई है। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय बिना समय गंवाए पीड़ित को अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सकीय उपचार दिलाना जरूरी है।
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