बैतूल , अप्रैल 04 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को अचानक बदले मौसम के चलते आठनेर और मुलताई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार आठनेर क्षेत्र में करीब 20 से 25 मिनट तक तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे कई गांवों में खेतों और सड़कों पर ओलों की मोटी परत जम गई। ओलों की मार से खड़ी गेहूं की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है, वहीं टमाटर सहित अन्य सब्जी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

रामपुर मनीयाखेड़ी मार्ग के आसपास के क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल को विशेष नुकसान बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि ओलों के कारण गेहूं के दाने झड़ गए हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।

इसी तरह मुलताई क्षेत्र के डहुआ, परमंडल, हिवरा और खेरवानी गांवों में भी तेज ओलावृष्टि से खेतों में सफेद परत जम गई। किसानों के अनुसार गेहूं की बालियां झड़ने और दानों के खराब होने से आर्थिक नुकसान बढ़ गया है।

सब्जी उत्पादकों को भी इस आपदा से नुकसान हुआ है। टमाटर, मिर्च सहित अन्य सब्जियां खराब हो गई हैं। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

इस दौरान भैंसदेही क्षेत्र में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि जिले में तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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