बैतूल , अगस्त 17 -- मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, वेतन विसंगति और अन्य मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के आह्वान पर जिले के कृषि विस्तार अधिकारियों ने आज से कलमबंद कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। जिले के सभी विकासखंडों में अधिकारियों ने काम का बहिष्कार किया, जबकि जिला मुख्यालय पर उपसंचालक कृषि कार्यालय परिसर में अधिकारी धरने पर बैठे।

जिला अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन 20 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक चलेगा। इस दौरान अधिकारियों ने ऑनलाइन ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कराते हुए ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज कराई।

संघ पदाधिकारियों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को मैदानी परिस्थितियों के अनुरूप नहीं बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का अधिकांश कार्य मैदानी स्तर पर होता है और उन्हें गांव-गांव तथा किसानों के खेतों तक पहुंचकर कृषि योजनाओं, फसलों और विभागीय गतिविधियों की निगरानी करनी पड़ती है।

संघ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के साथ शासकीय आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना कई बार व्यावहारिक नहीं होता। अधिकारियों ने वेतन विसंगति दूर करने की भी मांग की है। संघ के अनुसार वर्तमान में कृषि विस्तार अधिकारियों को 2400 रुपये ग्रेड-पे मिलता है, जिसे बढ़ाकर 2800 रुपये करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा मूल कार्यक्षेत्र के साथ दूसरे केंद्रों का अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले अधिकारियों को मिलने वाले 500 रुपये मासिक भत्ते को बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी की गई है।

संघ के अनुसार मांगों को लेकर 11 अगस्त को शासन और विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन सकारात्मक पहल नहीं होने पर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया। संघ ने चेतावनी दी है कि 20 अगस्त तक जिला स्तर पर आंदोलन के बावजूद मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो 21 अगस्त से प्रदेशभर में सामूहिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अधिकारियों के कार्य बहिष्कार से कृषि विभाग के मैदानी कार्यों और किसानों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ने की संभावना है।

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