बैतूल , अगस्त 02 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने वेतन विसंगति को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित मानदेय से कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने पूरा वेतन, बकाया एरियर और श्रेणी निर्धारण में सुधार की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और जिला मुख्यालय पर कार्यरत आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर पिछले करीब पांच वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में प्रतिमाह केवल 10 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि उनके वेतन संबंधी अभिलेखों और ईपीएफ कटौती से जुड़े विवरण में 13,121 रुपये मासिक मानदेय प्रदर्शित हो रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि श्रम आयुक्त द्वारा एक अप्रैल 2026 से अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 26 कार्य दिवसों के आधार पर 13,121 रुपये मासिक वेतन निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद उन्हें इससे कम राशि का भुगतान किया जा रहा है। उनका यह भी दावा है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर का कार्य तकनीकी प्रकृति का है और उन्हें उच्च कुशल श्रमिक श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में श्रम विभाग की ओर से अप्रैल 2024 से देय एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक इसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल सका है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें निर्धारित वेतनमान के अनुसार नियमित भुगतान किया जाए और पूर्व अवधि का बकाया एरियर भी उपलब्ध कराया जाए।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों का कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, ऑनलाइन पोर्टल, मरीजों के रिकॉर्ड, रिपोर्टिंग और डाटा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित वेतन नहीं मिलने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने सीएमएचओ से मांग की है कि वे इस मामले में आवश्यक हस्तक्षेप कर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से हो रहे भुगतान की जांच कराएं और नियमानुसार वेतन का भुगतान सुनिश्चित करें। फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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