बैतूल , मार्च 31 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आगामी 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं सीएमओ को निर्देशित किया है कि बाल विवाह रोकथाम के लिए निर्धारित सभी गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित की जाएं और किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

निर्देशों के अनुसार जिले के सभी शासकीय स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा और हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। 20 अप्रैल को पंचायत एवं नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों द्वारा बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई जाएगी और इसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा।

अक्षय तृतीया से पूर्व स्कूली बच्चों की रैलियां निकाली जाएंगी, वहीं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा गांवों में समूह चर्चा कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, ग्राम कोटवार एवं पंचायत सचिवों के माध्यम से 18 वर्ष से कम आयु की अविवाहित किशोरियों की जानकारी एकत्र कर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

बाल विवाह की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 एवं 112 का प्रचार किया जाएगा तथा "बाल विवाह मुक्त भारत" पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

प्रत्येक ग्राम एवं वार्ड में सूचना दल गठित कर विवाह आयोजनों पर नजर रखी जाएगी। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जहां प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, जिला एवं परियोजना स्तर पर उड़न दस्तों का गठन कर विवाह स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर यह सुनिश्चित करें कि जिले में कहीं भी बाल विवाह न हो।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित