बैतूल , अक्टूबर 27 -- मध्यप्रदेश के बैतूल कृषि उपज मंडी में खरीफ सीजन के दौरान किसानों के लिए उपज लाने के समय की पाबंदी और व्यापारियों को कथित छूट दिए जाने को लेकर असंतोष सामने आया है। किसानों का आरोप है कि मंडी प्रबंधन ने उनके लिए सुबह पांच से दस बजे तक ही उपज लाने की व्यवस्था लागू की है, जबकि बिचौलियों के पिकअप और ट्रक दिनभर मंडी परिसर में प्रवेश कर रहे हैं।
बताया गया है कि शनिवार से सोमवार तक लगातार तीन दिन मंडी बंद रहने के बावजूद सोमवार शाम को ही परिसर में मक्का के ढेर लग गए। नियमानुसार मंगलवार सुबह पांच बजे मंडी के गेट खुलने थे, लेकिन आरोप है कि बिचौलियों के वाहन पहले ही परिसर में पहुंच गए थे। व्यापारियों के अनाज से भरे सैकड़ों बोरे भी छुट्टी के बाद शेड में रखे रहे।
किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी उपज लेकर कतारों में इंतजार करना पड़ता है, जबकि बिचौलियों को कथित तौर पर सुविधाएं मिल रही हैं। मंडी में 24 घंटे के भीतर अनाज उठाने के नियम का पालन नहीं होने के आरोप भी लगाए गए हैं। इससे मंडी परिसर में शेड के उपयोग और राजस्व संबंधी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीण हाट-बाजारों में व्यापारियों के तौल-कांटों की नियमित जांच नहीं होने को लेकर भी चिंता जताई गई है। किसानों ने व्यवस्था में समानता, नियमों का निष्पक्ष पालन और तौल उपकरणों की जांच सुनिश्चित करने की जरूरत बताई है। हालांकि, मंडी प्रबंधन का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
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