बैतूल , जुलाई 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े के खिलाफ भर्ती एवं भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, भोपाल ने विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। संचालनालय ने आठ पृष्ठों का आरोप पत्र जारी कर उनसे 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आरोप पत्र में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है। आरोप पत्र के अनुसार वर्ष 2024 में ग्रुप-डी आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के दौरान शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि नया टेंडर जारी किए बिना पूर्व से कार्यरत निजी एजेंसी को पुनः कार्य सौंप दिया गया, जबकि उसका अनुबंध 31 जुलाई 2025 तक प्रभावी था। इसके बावजूद 23 जुलाई 2025 को एजेंसी को दोबारा कार्य करने की अनुमति प्रदान कर दी गई, जो शासन के भंडार क्रय नियमों के विपरीत बताई गई है।
आरोप पत्र में उल्लेख है कि तत्कालीन कलेक्टर ने भी इस प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया था कि फाइल का अवलोकन स्वीकृति नहीं माना जा सकता और नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बावजूद कार्यादेश जारी किए गए। बाद में गठित जांच समिति ने इस आरोप को आंशिक रूप से सही पाया।
दस्तावेज में वेतन भुगतान संबंधी कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि वर्ष 2024-25 में जिले में लगभग 250 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में लगभग 450 कर्मचारियों के नाम पर भुगतान दर्शाकर निजी एजेंसी को राशि जारी की गई। जांच समिति को उपस्थिति रजिस्टर और भुगतान अभिलेखों में भी अंतर मिलने की बात कही गई है।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं कि निजी एजेंसी ने बिना सार्वजनिक विज्ञापन जारी किए नियुक्तियां कीं। आरोप पत्र में एजेंटों के माध्यम से भर्ती, नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि वसूले जाने तथा कुछ रिश्तेदारों को नियुक्ति दिए जाने संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ये सभी बिंदु विभागीय जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप की गई है और विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोप पत्र का विस्तृत जवाब निर्धारित अवधि में विभाग को प्रस्तुत किया जाएगा।
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