रायपुर , सितंबर 12 -- छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में शनिवार को 'बैगलेस डे' के तहत विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता, खेलकूद, कला और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

जनप्रतिनिधियों, पालकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और व्यावहारिक जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियां सीखीं।

जिला कलेक्टर रेना जमील और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई से अलग रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नेतृत्व, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ना था।

विद्यालय परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने गाजर घास उन्मूलन, परिसर एवं शौचालयों की साफ-सफाई, पाउच-पन्नी का सुरक्षित निस्तारण और पेयजल स्रोतों की सफाई की। इसके माध्यम से उन्हें स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए 'पेड़ बोल सकते तो क्या कहते' विषय पर कल्पनात्मक निबंध लेखन कराया गया। पेपर क्राफ्ट गतिविधि में बच्चों ने कागज से नाव, हवाई जहाज, तितली और मेंढक की आकृतियां बनाईं। 'बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट' के तहत ग्रीटिंग कार्ड तथा अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी और कलात्मक वस्तुएं तैयार की गईं।

बैगलेस डे पर सामुदायिक सहभागिता से न्योता भोजन का भी आयोजन किया गया। माध्यमिक शाला कन्या रामानुजनगर में स्थानीय व्यवसायी श्रवण कुमार गुप्ता ने अपने जन्मदिन पर संकुल समन्वयक जयप्रकाश बरेठा के साथ बच्चों को न्योता भोजन कराया। भैयाथान विकासखंड की प्राथमिक शाला शिवप्रसाद नगर में समुदाय के सहयोग से विद्यार्थियों को कॉपियां वितरित की गईं और विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।

इन गतिविधियों की निगरानी एडी शिक्षा, एडीपीओ समग्र, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसीसी, संकुल प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों ने की। अधिकारियों ने विद्यालयों का दौरा कर गतिविधियों का अवलोकन करने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।

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