बैतूल , अक्टूबर 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के मामले में बोरदेही थाना पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में खाताधारकों की बैंकिंग जानकारी का कथित दुरुपयोग कर सावधि जमा (एफडी) की रकम विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित की गई थी।

पुलिस ने 25 अक्टूबर को शैलेंद्र सोनी निवासी मोरखा, मिथिलेश सोनी निवासी गोरख और मयंक सोनी निवासी मोरखा को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक विधि विरुद्ध बालक के माध्यम से विभिन्न खातों में रकम स्थानांतरित की गई। पुलिस के अनुसार, मयंक सोनी के खाते में एक लाख 45 हजार 800 रुपये, मिथिलेश सोनी के खाते में 61 हजार रुपये और शैलेंद्र सोनी के खाते में एक लाख 50 हजार रुपये स्थानांतरित हुए।

जांच में बैंक की मोरखा शाखा के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे की मां शीला गोखे के खाते में 17 लाख 15 हजार 144 रुपये तथा स्वयं लुकेश गोखे के खाते में एक लाख 78 हजार रुपये स्थानांतरित होने की जानकारी भी सामने आई है। इन लेन-देन के संबंध में पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए हैं। शैलेंद्र सोनी से वह सिम कार्ड भी जब्त किया गया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर विधि विरुद्ध बालक ने घटना में किया था। जब्त उपकरणों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के जरिए मामले से जुड़े अन्य लोगों और संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।

खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर बोरदेही थाने में छह अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के मार्गदर्शन में मामले की जांच जारी है। पुलिस ने नागरिकों से बैंक खातों और एफडी की नियमित निगरानी करने तथा ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की है। ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई है।

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