फिरोजाबाद , जून 19 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बैंक ऑफ इंडिया की भारोल शाखा में कथित स्वर्ण ऋण घोटाले की जांच के दौरान पुलिस ने शुक्रवार को चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिनमें मुख्य आरोपी बैंक अधिकारी के बड़ी संख्या में बैंक खाते संचालित करने का खुलासा भी शामिल है।

थाना अरांव के प्रभारी निरीक्षक ऋषि कुमार ने बताया कि स्वर्ण ऋण से जुड़े कथित गबन मामले में राहुल, भान प्रताप सिंह, अंकुर और ऋषभ को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी शिकोहाबाद क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस को आशंका है कि इनकी मुख्य आरोपी बैंक के क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार से निकटता रही है और वे कथित अनियमितताओं में सहयोगी रहे हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी दिलीप कुमार के कुल 106 बैंक खाते संचालित होने की जानकारी मिली है। इनमें 66 खाते उसके स्वयं के नाम पर बताए जा रहे हैं, जबकि शेष खाते परिजनों और परिचितों के नाम पर खुलवाए गए थे। जांच एजेंसियों को इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले हैं।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि बैंक में गिरवी रखे गए स्वर्ण आभूषणों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उन्हें अन्य बैंकों अथवा वित्तीय संस्थानों में गिरवी रखकर धन प्राप्त किया गया। इस प्रकार के लेन-देन का मूल्य तीन करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि थाना अरांव क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ इंडिया की भारोल शाखा में ग्राहकों द्वारा स्वर्ण ऋण के बदले जमा कराए गए आभूषणों में से 96 ग्राहकों के स्वर्ण पैकेट गायब पाए गए थे। मामले की जांच के बाद बैंक के तीन अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस गुरुवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

मामले की जांच बैंक की विजिलेंस टीम और पुलिस संयुक्त रूप से कर रही हैं। उधर, शाखा पर अपने स्वर्ण आभूषणों को लेकर चिंतित ग्राहकों का विरोध और हंगामा जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित