नयी दिल्ली , मई 15 -- ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ने से इस साल अप्रैल में राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजागारी दर बढ़कर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी।

सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी मासिक श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल में ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी जो सितंबर 2025 के बाद सात महीने में सबसे अधिक है। इस साल मार्च में ग्रामीण बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल में 4.5 प्रतिशत रही थी। वहीं, शहरी इलाकों में बेरोजगारी कम हुई है और इसकी दर मार्च के 6.8 प्रतिशत से घटकर 6.6 प्रतिशत रह गयी।

ग्रामीण और शहरी इलाकों को मिलाकर सकल बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत दर्ज की गयी जो अक्टूबर 2025 के बाद सबसे अधिक है। यह इस साल मार्च और पिछले साल अप्रैल में 5.1 प्रतिशत रही थी।

यह रिपोर्ट 15 वर्ष के अधिक आयू के श्रम बल के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की जाती है। श्रम बल आबादी का वह हिस्सा है जो या तो रोजगार प्राप्त है या सक्रिय रूप से रोजगार की तलाश कर रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल में 15 साल या उससे अधिक आयु के श्रम बल का आबादी की तुलना में अनुपात 55 प्रतिशत रहा। यह मार्च में 55.4 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल में 55.6 प्रतिशत था। वहीं, 15 साल से ऊपर की महिला आबादी में 33.9 प्रतिशत श्रम बल में शामिल रहीं।

आबादी (15 साल से अधिक) की तुलना में रोजगार प्राप्त लोगों के अनुपात में कमी दर्ज की गयी है जो बेरोजगारी दर में वृद्धि से स्पष्ट है। पूरे देश के लिए यह दर 52.2 प्रतिशत रही जबकि इस साल मार्च में यह 52.6 फीसदी और पिछले साल अप्रैल में 52.8 फीसदी रही थी। शहरी आबादी में यह दर बढ़ी है जबकि ग्रामीण इलाकों में इसमें कमी आयी है। पुरुष और महिला दोनों के लिए एक जैसा ही ट्रेंड रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत रही। यह मार्च 2026 में यह पांच प्रतिशत और अप्रैल 2025 में 5.2 प्रतिशत थी। ग्रामीण पुरुषों की बेरोजगारी दर मार्च के 4.4 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल 4.7 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इसी अवधि में शहरी पुरुषों की बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत से घटकर 5.9 प्रतिशत रह गयी। महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.4 प्रतिशत दर्ज की गयी। यह मार्च 2026 के 5.3 प्रतिशत और अप्रैल 2025 के पांच प्रतिशत से अधिक है।ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर बढ़कर 4.4 प्रतिशत पर पहुंच गयी। यह इस साल मार्च में 4.1 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल में 3.9 प्रतिशत थी।

शहरी महिलाओं की बेरोजगारी दर मार्च के नौ प्रतिशत से घटकर 8.5 प्रतिशत हो गई।

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