बेमेतरा , अप्रैल 13 -- छत्तीसगढ़ में बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुम्ही में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ''हर घर नल, हर घर जल'' योजना जमीनी स्तर पर विफल होती नजर आ रही है। गांव में वर्षों से निर्माणाधीन पानी टंकी अधूरी पड़ी है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
पेयजल की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें घंटों लाइन में खड़े होकर पानी जुटाना पड़ता है। जिन घरों में निजी बोरिंग की सुविधा है, वहीं से अन्य लोग पानी मांगकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, योजना के तहत पाइपलाइन एवं नल कनेक्शन तो उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन पानी टंकी का निर्माण अधूरा होने के कारण नलों में जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके अलावा गांव के पारंपरिक जल स्रोत जैसे नल, नाले और तालाब भी सूख चुके हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि अधूरी पड़ी पानी टंकी का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण कराया जाए, ताकि गांव को इस भीषण जल संकट से राहत मिल सके।
इस संबंध में जिले की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने आज आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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