बेमेतरा , जनवरी 12 -- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाडाडीह में अवैध शराब और नशे के कारोबार ने ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात से परेशान होकर बड़ी संख्या में ग्रामवासी, विशेषकर महिलाएं, कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अवैध शराब व गांजा बिक्री के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों ने सोमवार को प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि गांव में लंबे समय से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि नशे के कारण गांव का सामाजिक माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। शराबियों और असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों से महिलाएं और बच्चियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। शाम ढलते ही घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नशे का असर अब बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। कई बच्चे पढ़ाई-लिखाई छोड़कर ताश, जुआ और नशाखोरी की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। नशे के कारण गांव में चोरी, मारपीट, आपसी विवाद और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। इससे पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शासन-प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध शराब और गांजा बिक्री पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता से शासन की छवि धूमिल हो रही है और अब वे चुप बैठने वाले नहीं हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध नशे के कारोबार में लिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि गांव का माहौल सुधर सके और आने वाली पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाया जा सके।
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