रायसेन , अगस्त 19 -- आत्महत्या के उद्देश्य से बेतवा नदी में कूदी एक छात्रा को रायसेन के युवक विनोद पटेरिया ने अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी में छलांग लगाकर बचा लिया। विदिशा कलेक्टर ने श्री पटेरिया को 10 हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायसेन के वार्ड नंबर 13, शाखा ग्राउंड के पास रहने वाले श्री पटेरिया विदिशा में एक कंपनी में सेल्स मैनेजर हैं और प्रतिदिन रायसेन से विदिशा आना-जाना करते हैं। बुधवार को ड्यूटी पर विदिशा जाते समय उन्होंने ग्राम सौठिया स्थित बेतवा पुल के पास घर की पूजन सामग्री विसर्जित करने के लिए अपनी गाड़ी रोकी। वहां पहले से खड़ी एक छात्रा को देखकर उन्होंने पूछा कि वह वहां क्यों खड़ी है, लेकिन छात्रा ने कोई जवाब नहीं दिया।
श्री पटेरिया पूजन सामग्री विसर्जित कर वापस लौटे तो देखा कि छात्रा उफनती बेतवा नदी में कूद चुकी थी। उन्होंने वहां से गुजर रहे राहगीरों से छात्रा को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी के नहीं रुकने पर उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी में छलांग लगा दी।
उन्होंने करीब 150 मीटर तक तैरकर छात्रा को अपने कंधे पर उठाया और नदी के किनारे लेकर आए। छात्रा के पेट में पानी भर गया था। इसके बाद श्री पटेरिया और वहां मौजूद दो युवकों ने छात्रा को सीपीआर दिया, जिससे उसकी जान बच सकी।
इसके बाद छात्रा के बैग से परिजनों का मोबाइल नंबर निकालकर उन्हें घटना की सूचना दी गई। श्री पटेरिया ने पुलिस और एंबुलेंस को भी सूचना देकर मौके पर बुलाया। श्री पटेरिया ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अपनी जान की परवाह किए बगैर वह एक बच्ची की जान बचा सके।
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