सुपौल , जुलाई 23 -- हिला एवं बाल विकास निगम, सुपौल के तत्वावधान में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (डीएचईडब्लू), सुपौल की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत पिपरा प्रखंड स्थित राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय 2 उच्च विद्यालय, रामनगर, सुपौल में छात्राओं के साथ 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न सहायता एवं संरक्षण सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था।

सखी वार्ता के दौरान डीएचईडब्लू की टीम ने उपस्थित छात्राओं को बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जो बालिकाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

इस अवसर पर विवाह की वैधानिक आयु एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही सभी छात्राओं को अपने परिवार एवं समाज में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा अपने-अपने गांव मुहल्ले के समुदाय के लोगों को भी बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान माहवारी स्वच्छता प्रबंधन विषय पर भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। छात्राओं को माहवारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, स्वच्छ एवं सुरक्षित सैनिटरी पैड का उपयोग करने, समय-समय पर पैड बदलने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने तथा माहवारी से जुड़े मिथकों एवं भ्रांतियों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि माहवारी एक प्राकृतिक एवं सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए इसे लेकर किसी प्रकार का संकोच या भेदभाव नहीं होना चाहिए। साथ ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने एवं आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्यकर्मियों एवं शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इसके अतिरिक्त छात्राओं को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित अध्ययन करने तथा शिक्षा को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया। उन्हें अपने समय का सदुपयोग करने, अनुशासित जीवनशैली अपनाने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिये प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, पोषण, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

संकट की स्थिति में उपलब्ध सेवाओं-जैसे कानूनी सहायता, परामर्श सेवा, अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सहायता एवं पुलिस सहयोग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि सुपौल जिले में वन स्टॉप सेंटर का संचालन सदर अस्पताल परिसर में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 की सेवाओं एवं उनके उपयोग की प्रक्रिया से भी सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन, सुपौल द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में हरिनारायण कुमार, जिला मिशन समन्वयक, श्रीमती कुमारी प्रतिभा, केन्द्र प्रशासक, श्रीमती नीतू कुमारी, (लैंगिक विशेषज्ञ), सुजीत कुमार तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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