नयी दिल्ली , अगस्त 30 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज भारत की बेटियों के सपनों की उड़ान धरती से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।

श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में रविवार को बेटियों की बढ़ती अंतरिक्ष आकांक्षाओं और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में उनकी भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियों के सपनों की उड़ान धरती से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि इस प्रयास का नाम 'मिशन शक्तिसैट' है। इसके माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक सीखने और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन शक्तिसैट के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर भारत और दुनिया के अलग-अलग देशों से आयीं करीब 100 छात्राएं एक साथ जुटीं। उन्होंने बताया कि भारत के दूर-दराज क्षेत्रों से चयनित छात्राएं भी इस पहल में हिस्सा ले रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रयास का लक्ष्य बेहद खास है। छात्राओं की भागीदारी से तैयार किये जाने वाले एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से जुड़ी अनेक छात्राएं आने वाले समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी नयी पहचान बनाएंगी।

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