मुंबई , फरवरी 25 -- 'निर्भय बनो आंदोलन' के अध्यक्ष भगवान कोली मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी और चिलचिलाती गर्मी के बीच बेजुबान जानवरों के लिए रक्षक बन कर उभरे हैं।

शहर में लगातार तापमान बढ़ रहा है और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) एवं थकावट के कारण पक्षी उड़ान के दौरान गिर जा रहे हैं और जानवर थक कर बेसुध हो जा रहे हैं। ऐसे में श्री कोली पिछले 25 से 30 वर्षों से बिना किसी वित्तीय लाभ की अपेक्षा के घायल जानवरों और पक्षियों का बचाव और उपचार कर रहे हैं।

श्री कोली अपने निजी खर्च से घायल पक्षियों और जानवरों को चिकित्सा देखभाल प्रदान करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अपने प्राकृतिक आवास में वापस छोड़े जाने से पहले पूरी तरह से ठीक हो जाएं। उनके इस निस्वार्थ समर्पण को हाल ही में सोशल मीडिया पर मानवता के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में व्यापक सराहना मिली है।

चाहे सड़कों पर आवारा कुत्ते और बिल्लियाँ हों या लू लगने के कारण आसमान से गिरने वाले चील, गिद्ध और गौरैया जैसे पक्षी, श्री कोली को फोन आते ही वह तुरंत मौके पर पहुँच जाते हैं। हाल ही में, उन्होंने भीषण गर्मी से गंभीर रूप से प्रभावित कई पक्षियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।

उनके अथक प्रयासों को देखते हुए, वन विभाग और कई गैर-सरकारी संगठनों ने अब उनके अभियान को अपना समर्थन दिया है। अपनी निरंतर सेवा के माध्यम से, श्री कोली ने एक ऐसे शहर में करुणा को जीवित रखा है जो अक्सर अपनी बेतहाशा रफ्तार में खोया रहता है।

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