अमृतसर , अप्रैल 01 -- सिख समुदाय में गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए कानून बनाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दल खालसा ने बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखकर इस संवेदनशील मुद्दे पर हस्तक्षेप कर सर्वसम्मति बनाने की अपील की है।

दल खालसा ने यह भी घोषणा की कि वह पांच अप्रैल को 'बेअदबी, कानून और सिख पारंपरिक प्रतिक्रिया' विषय पर एक सेमिनार आयोजित करेगा। इस सेमिनार का उद्देश्य शव्द गुरू के सिद्धांत की सर्वोच्चता, पवित्रता और विशिष्टता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

दल खालसा के कार्यकारी अध्यक्ष परमजीत सिंह मंड ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सेमिनार में कई महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा होगी, जैसे "बेअदबी की घटनाओं के पीछे कौन है? इसके पीछे क्या साजिश है? और इसके संभावित समाधान क्या हैं?" उन्होंने बताया कि यह सेमिनार में वक्ता गुरू ग्रंथ साहिब की महिमा और शव्द गुरू की अवधारणा पर हो रहे कथित हमलों पर विचार रखेंगे। इस पहल का उद्देश्य सिख समुदाय को सतर्क और संगठित करना है, ताकि धार्मिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से समाधान निकाला जा सके।

इस बीच, पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की है, जिसमें जगत जोत गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट , 2008 में सख्त संशोधन किए जाने की संभावना है। यह कदम संत समाज की अपील पर उठाया गया है। दल खालसा का मानना है कि पंथ के भीतर शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति और संत समाज के बीच बढ़ती दूरियां इस मुद्दे को कमजोर कर रही हैं, इसलिए अकाल तख्त की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

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