तलवंडी साबो/ चंडीगढ़ , अप्रैल 14 -- बैसाखी के पावन अवसर पर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केवरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक हुए और 'खालसा साजना दिवस' की बधाई दी।

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फूलका ने बेअदबी के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई मामले पंजाब से बाहर स्थानांतरित किए जा रहे हैं, और पंजाब सरकार इन फैसलों को उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में चुनौती नहीं दे रही है, जो उसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा केवल सिख समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी पंजाबियों की भावनाओं से जुड़ा है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

अपनी लंबी कानूनी लड़ाई के बारे में बात करते हुए श्री फूलका ने कहा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देनेके बाद भी 1984 के सिख जनसंहार मामलों में न्याय के लिए लड़ना जारी रखा, जिसके परिणामस्वरूप सज्जन कुमार जैसे आरोपियों को सजा मिली। उन्होंने कहा कि यह सफलता वाहेगुरु के आशीर्वाद से ही संभव हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें उच्च पदों से नवाजा। उन्होंने 1984 की हिंसा को 'कांग्रेस बनाम सिख' के रूप में वर्णित किया, न कि किसी धर्म के खिलाफ संघर्ष।

श्री फूलका ने पंजाब की वर्तमान स्थिति, विशेष रूप से घटते जल संसाधनों और कृषि चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले वर्षों में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब को विकास और समृद्धि के पथ पर वापस लाने के उद्देश्य से राजनीति में फिर से प्रवेश किया है औरवे इस लक्ष्य की ओर पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे।

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