बेंगलुरु , सितंबर 08 -- कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के यशवंतपुर एपीएमसी बाजार में बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए एक औचक अभियान के तहत मंगलवार को 19 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया। इन बच्चों में से 13 बिहार से (12 लड़के और 1 लड़की), दो-दो पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से, जबकि एक-एक राजस्थान और कर्नाटक से हैं।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के कड़े निर्देशों के बाद की गई। उन्होंने बाल श्रमिकों को काम पर रखने वालों को तत्काल गिरफ्तार करने के आदेश दिए और लापरवाही बरतने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की चेतावनी जारी की।
यह अभियान उस समय शुरू किया गया जब श्री शिवकुमार ने यशवंतपुर बाजार का दौरा किया और वहां किसानों, मजदूरों और व्यापारियों से बातचीत की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें बाजार की दुकानों में बच्चों से काम कराए जाने की शिकायत दी। शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस उपायुक्त बी.एस. नेमागोडा की देखरेख में पुलिस और श्रम अधिकारियों की पांच विशेष टीमों का गठन किया गया और उन्होंने दुकानों पर छापेमारी कर 19 बच्चों को छुड़ाया।
पुलिस ने बताया कि दुकान मालिकों के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 और किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, एक अलग अभियान में सड़क किनारे काम करते पाए गए 10 अन्य बच्चों को भी छुड़ाया गया और आवश्यक कार्रवाई के लिए बेंगलुरु बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।
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